सीखें अच्छे गुण (कविता)
हाथ जोड़े हम हुए खड़े,
प्रभु, हमको वरदान दो।
सबका भला हम कर पाएँ,
ऐसा हमको ज्ञान दो।
पृथ्वी को बनाया तुमने,
सूरज-चाँद चमकाया तुमने।
चिड़ियों को चहकाया तुमने,
प्रकृति को महकाया तुमने।
निर्मल गंगा-सा व्यवहार हो अपना,
मिलकर रहना हो सबका सपना।
इतनी दया मुझ पर बनाए रखना,
जो पथ सही हो उसी पर चलाए रखना।
इन सबसे सीखें अच्छे गुण,
दो हमको मन ऐसा तुम।
ये दुनिया ही परिवार हो,
सबके लिए मन में प्यार हो।
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